Jhunaid Baghdadi
अबुल क़ासिम हज़रत शैख़ जुनैद बग़दादी की ज़िन्दगी (Part-1) बेहरे मारूफ़ू सरी माअरूफ़ दे बेखुद सिरि जिन्दे हक़ में गिन जुनैदे बा सफा के वास्ते विलादत :- तीसरी सदी हिजरी में इराक़ की राजधानी बगदाद में पैदा हुए. आप रहमतुल्लाह अलैह की तारीखे पैदाइश “कारनामा बुज़ुर्गाने ईरान” में गालिबन 218, हिजरी 27, रजाबुल मुरज्जब बगदाद में हुई. हज़रत का नाम “जुनैद बग़दादी” , आप की कुन्नियत “अबुल कासिम” और अलक़ाब- सय्यदुत ताइफ़ा, (सूफियों का सरदार) ताऊसुल उलमा, कवारीरी, ज़ूजाज, खिज़ारू, लिसानुल क़ौम हैं. खानदानी हालात :- Dada-parDada का talluk ईरान के एक Purane khubsurat शहर “निहावंद” के रहने वाले थे , “निहावंद” शहर सूबा जिबाल का सब से पुराना शहर समझा जाता है और कहा जाता है के ये शहर तूफाने नूह से पहले आबाद हुआ था और हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु के ज़मानाए खिलाफत में इसे 17, हिजरी से 21 हिजरी के दरमियानी अरसे में Musalmano ने jeeta. हज़रत जुनैद का खानदान मजूसी और आतिश परस्त (आग की पूजा करना) था फिर जब ईरान में इस्लामी फुतूहात का आगाज़ हु...